Friday, August 21, 2009

Country wise english tests requirement

विदेश में पढाई और आंखों में कॉर्पोरेट व‌र्ल्ड का ऊंचा ओहदा, हर छात्र का सपना होता है। खासकर अमेरिका, यूके, फ्रांस, कनाडा, जापान जैसे किसी देश से पढाई करने के बाद न केवल एक्सपोजर मिलता है, बल्कि बडी व मल्टीनेशनल कंपनियों में आसानी से नौकरी भी मिल जाती है। लेकिन विदेश में पढाई करने के लिए आपको टीओईएफएल, आईईएलटीएस, जीएमएटी, जीआरई जैसे एग्जामिनेशन के चक्रव्यूह को भेदना होगा।

यूनेस्को की रिपोर्ट

यूनेस्को की हालिया रिपोर्ट ग्लोबल एजुकेशन डाइजेस्ट-2009 के मुताबिक चीन के बाद सबसे अधिक भारतीय छात्र ही विदेश पढाई करने जाते हैं। जहां तक टॉप स्टडी डेस्टिनेशन की बात है, तो इसमें अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और जापान प्रमुख हैं। रिपोर्ट के मुताबिक , पहले अमेरिका भारतीय छात्रों का मुख्य स्टडी डेस्टिनेशन हुआ करता था। तकरीबन 71 फीसदी भारतीय छात्र अमेरिका पढने के लिए जाते थे। इसके बाद 8 प्रतिशत यूके और 7.6 प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया। लेकिन अब स्थिति काफी बदल गई है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जापान, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका, चीन और साउथ कोरिया भी भारतीय छात्रों के पसंदीदा स्टडी स्पॉट बनते जा रहे हैं। वहीं उद्योग चेंबर एसोचैम के मुताबिक, प्रति वर्ष करीब पांच लाख भारतीय छात्र पढाई के लिए विदेश का रुख करते हैं।

किस देश में कौन-सा टेस्ट

यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के शैक्षणिक संस्थानों में एडमिशन के लिए टॉफेल, जीआरई, जीमैट और एसएटी स्कोर मान्य हैं। यूके के संस्थानों में एडमिशन के लिए जीसीई क्लियर करना पडता है। कनाडा, आयरलैंड व न्यूजीलैंड जैसे देशों में पढने के लिए टॉफेल या आईईएलटीएस पर्याप्त है। आप ऑस्ट्रेलिया की तरफ रुख करने की सोच रहे हैं, तो यहां के सभी शैक्षणिक संस्थानों में आईईएलटीएस का स्कोर मान्य है।

इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम

(IELTS)

आईईएलटीएस एग्जाम के जरिए कैंडिडेट्स के अंग्रेजी ज्ञान को जांचा-परखा जाता है। इस परीक्षा का आयोजन ब्रिटिश काउंसिल, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, ईएसओएल और आईडीपी एजुकेशन, ऑस्ट्रेलिया द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है।आईईएलटीएस स्कोर ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका के शैक्षणिक संस्थानों के अलावा, कुछ अमेरिकी संस्थानों में भी मान्य हैं।

www.ieltsindia.com

टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज ए फॉरेन लैंग्वेज

(toefl)

अमेरिका सहित दुनिया के 130 देशों के संस्थानों में इसका स्कोर मान्य है। वैसे, तो टॉफेल का स्कोर दो साल के लिए मान्य होता है, लेकिन अधिकतर संस्थान ताजा स्कोर ही मांगते हैं। अब अधिकतर सेंटरों पर आईबीटी यानी इंटरनेट बेस्ड टेस्ट लिया जाता है। टॉफेल टेस्ट में मुख्य रूप से रीडिंग, लिसनिंग, राइटिंग और स्पीकिंग (केवल आईबीटी) की परीक्षा होती है।

www.ets.org

ग्रेजुएट मैनेजमेंट टेस्ट

(GMAT)

मैनेजमेंट कॉलेजों में एडमिशन के लिए जीमैट एग्जाम देना जरूरी होता है। दुनिया में तकरीबन 1,900 ऐसे बिजनेस स्कूल हैं, जहां जीमैट स्कोर मान्य हैं। जीमैट सामान्यतया तीन सेक्शनों में बंटा होता है: एनालिटिकल राइटिंग एसेसमेंट, क्वांटिटेटिव और वर्बल। आमतौर पर इसमें रीजनिंग, कॉम्प्रिहेंशन, प्रॉॅब्लम सॉल्विंग क्वेश्चन आदि से जुडे सवाल पूछे जाते हैं।

http://gmat.learnhub.com

स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट

(SAT)

अमेरिका के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए सैट यानी स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट से होकर गुजरना होता है। यह परीक्षा ईटीएस (एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस) द्वारा संचालित की जाती है। इसके जरिए आपकी समझने की क्षमता, मैथ्स और वर्बल रीजनिंग के ज्ञान की जांच की जाती है। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ टाइप प्रश्न पूछे जाते हैं।

www.collegeboard.com

ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जामिनेशन

(GRE)

अमेरिका के कई ग्रेजुएट कॉलेजों में एडमिशन जीआरई स्कोर के आधार पर होता है। आमतौर पर जीआरई का स्वरूप सैट एग्जाम की तरह की होता है। जीआरई कम्प्यूटर आधारित परीक्षा है।

http://www.greguide.com

मेडिकल कॉलेज एडमिशन टेस्ट

(MCAT)

अमेरिकी यूनिवर्सिटी और कनाडा के उच्च स्तरीय मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए एएएमसी (असोसिएशन ऑफ अमेरिकन मेडिकल कॉलेज) यानी एमकैट आयोजित करता है। एमकैट की परीक्षा में वर्बल रीजनिंग, फिजिकल साइंस, बायोलॉजिकल साइंस और राइटिंग सैंपल से सवाल पूछे जाते हैं। पहले तीन सेक्शन में मल्टीपल च्वाइस टेस्ट होते हैं।

www.aamc.org/mcat

टोईक

(TOEIC)

टोईक अर्थात टेस्ट ऑफ इंग्लिश फॉर इंटरनेशनल कम्युनिकेशन अंग्रेजी भाषा के ज्ञान के लिए होता है। बिजनेस संस्थाएं अंग्रेजी भाषा की परीक्षा लेने के लिए टोईक का उपयोग करती हैं। इसमें कॉर्पोरेट डेवलपमेंट, फाइनेंस, बजटिंग, कॉर्पोरेट प्रॉपर्टी, आईटी,पर्सनल, टेक्निकल मामले, हेल्थ व बिजनेस ट्रेवल से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

http://www.ets.org

लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट

(LSAT)

अमेरिका एवं कनाडा के लॉ कॉलेजों में प्रवेश के लिए यह टेस्ट लिया जाता है। इसमें लॉजिकल रीजनिंग, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, एनालिटिकल रीजनिंग आदि से सवाल पूछे जाते हैं।

www.lsac.org

जनरल सर्टिफिकेट ऑफ एजुकेशन

(GCE)

यूके से उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल शिक्षा हासिल करने के लिए जीसीई एग्जाम में सफल होना जरूरी है। इसमें दो लेवॅल पर एग्जाम होता है। ए लेवॅल का स्कोर यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए मान्य होता है।

www.britishcouncil.org

amitnidhi@nda.jagran.com

आइए जानते हैं अलग-अलग टेस्ट की तैयारी के लिए क्या रणनीति अपनाएं..

इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट और टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज ए फॉरेन लैंग्वेज में पूछे जाने वाले प्रश्नों का पैटर्न करीब-करीब एक जैसा ही होता है। इसमें सफल होने के लिए जरूरी है कि अंग्रेजी भाषा पर आपकी पकड अच्छी हो। तैयारी के लिए अंग्रेजी न्यूजपेपर और मैग्जीन नियमित रूप से पढें या फिर आप तैयारी के लिए किसी स्तरीय इंस्टीट्यूट की मदद भी ले सकते हैं।

जीमैट के लिए अंग्रेजी के साथ-साथ मैथ्स पर भी काफी अच्छी पकड होनी चाहिए, इसमे क्रिटिकल रीजनिंग, कॉम्प्रिहेंशन आदि से जुडे सवाल पूछे जाते हैं। लेकिन इस टेस्ट में एक बात और देखी जाती है कि आप कम से कम समय में कितने प्रश्नों को हल कर सकते हैं। इसके लिए नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है। जीआईई और सैट में पूछे जाने वाले प्रश्नों का पैटर्न भी कुछ-कुछ एक जैसा ही होता है। किसी भी संस्थान में एडमिशन अपनी क्षमता और योग्यता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।

आराधना के. महाना,

मैनेजिंग डायरेक्टर

(मानया एजुकेशन प्राइवेट लि., यह संस्थान विदेश

में होने वाली परीक्षाओं की तैयारी कराता है)

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